शिक्षा में बड़ा बदलाव: नई शिक्षा नीति 2020 से बदली सीखने की दिशा, धर्मेंद्र प्रधान का दावा

नई दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि वर्ष 2047 तक, जब देश आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। उनका कहना था कि भारत की ताकत उसकी युवा आबादी है। बड़ी संख्या में युवा पढ़ रहे हैं, नए विचार ला रहे हैं और नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली में आयोजित स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 में बोल रहे थे। यहां उन्होंने 50 से अधिक देशों के राजनयिकों को संबोधित किया। यहां बताया गया कि सरकार चाहती है कि दुनिया के बड़े विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर खोलें। इसके लिए नियम बनाए गए हैं ताकि प्रक्रिया साफ और समय पर पूरी हो। गौरतलब है कि अगर विदेशी संस्थान भारत आएंगे तो भारतीय छात्रों को बाहर जाए बिना ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई करने के अवसर मिल सकेंगे। नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में यह बड़ा शिक्षा सम्मेलन हुआ। इसमें 50 से ज्यादा देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुलकर भारत की शिक्षा व्यवस्था और उसके भविष्य के बारे में बात की। शिक्षा मंत्री ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों से भारत की तेजी से विकसित हो रही, नवाचार-आधारित शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम का मकसद दुनिया को यह बताना था कि भारत अब सिर्फ पढ़ाई करने की जगह नहीं, बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र बन रहा है। भारत चाहता है कि न केवल विदेशी संस्थान बल्कि दूसरे देशों के छात्र भी यहां आएं, पढ़ें, शोध करें और मिलकर आगे बढ़ें। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 आने के बाद देश की पढ़ाई का ढंग बदल गया है। अब छात्रों को केवल किसी एक विषय तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। छात्र एक साथ अलग-अलग विषय पढ़ सकते हैं। वहीं युवाओं के कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है, यानी पढ़ाई ऐसी हो जो सीधे तौर पर भविष्य में काम आए। शिक्षा से सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि काम करने की क्षमता भी मिले। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूजीसी ने एक पारदर्शी और समयबद्ध नियामक ढांचा तैयार किया है, जिससे विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख संस्थानों के आवेदनों को एक महीने के भीतर मंजूरी दे दी गई है। सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा को दुनिया तक पहुंचाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग करना शामिल है। इसके अलावा, विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियम, कौशल शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ना, और भारत नवाचार 2026 पहल पर भी यहां चर्चा की गई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दुनिया में चाहे जितनी अनिश्चितता हो, शिक्षा हमेशा देशों को जोड़ने का काम करती है। पढ़ाई, शोध और ज्ञान का आदान-प्रदान ही असली साझेदारी बनाता है। उन्होंने सभी देशों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने छात्रों और संस्थानों को भारत से जोड़ें। शिक्षाविदों के मुताबिक इस आयोजन का संदेश यह रहा कि भारत अब वैश्विक शिक्षा मंच पर मजबूत दावेदार बनना चाहता है। भारत दुनिया से कह रहा है कि आइए, यहां पढ़िए, शोध कीजिए, नए विचार लाइए और मिलकर आगे बढ़िए। recent visitors 39

युवाओं को मिलेगा दिग्गजों का साथ, कुंबले-जहीर-हरभजन करेंगे नई प्रतिभाओं को तैयार

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व भारतीय दिग्गज जहीर खान और हरभजन सिंह से बेंगलुरु स्थित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (सीओई) में विशेष शिविरों में अपनी सेवाएं देने के लिए संपर्क किया है। बीसीसीआई ने इन शिविरों के कुछ खिलाड़ियों की सूची तैयार की है। इस सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जो भविष्य में भारत की तरफ से खेल सकते हैं। इन खिलाड़ियों में आयु वर्ग और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अलावा भारत ए और भारत की सीनियर टीम की तरफ से कुछ मैच खेलने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान युवा तेज गेंदबाजों के साथ पांच दिवसीय शिविर के लिए पहले ही बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। ये युवा गेंदबाज सीनियर टीम में जगह बनाने के करीब हैं या उसके लिए कुछ मैच खेल चुके हैं। पता चला है कि सीओई के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करने के लिए अपने पूर्व साथियों से चार से पांच दिन के विशेष शिविरों के लिए संपर्क किया था। इस घटनाक्रम से अवगत बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘लक्ष्मण ने विशेष शिविरों के लिए जहीर, हरभजन और अनिल कुंबले से संपर्क किया है। हरभजन ऑफ स्पिनरों के लिए चार या पांच दिवसीय शिविर के लिए अपना कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। वह उन उभरते हुए खिलाड़ियों की मदद करने के लिए उत्सुक हैं जिन्होंने आयु वर्ग और भारत ए स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।’ उन्होंने कहा, ‘यह एक स्वागत योग्य पहल है जहां भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके खिलाड़ी अगली पीढ़ी के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।’ माना जा रहा है कि टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज अनिल कुंबले से कलाई के स्पिनरों के लिए एक शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे क्योंकि इनमें से कई खिलाड़ियों को अपनी-अपनी आईपीएल टीमों से जुड़ना होगा। इस बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वीआरवी सिंह और श्रीनाथ अरविंद उन प्रमुख नामों में शामिल हैं जिन्होंने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में तेज गेंदबाजी कोच के स्थायी पद के लिए आवेदन किया है। वीआरवी और अरविंद दोनों ने सीओई में विभिन्न आयु वर्ग के शिविरों में काम किया है। बीसीसीआई इंग्लैंड के ट्रॉय कूली की जगह पर तेज गेंदबाजी विभाग के प्रमुख की तलाश में है। स्पिन गेंदबाजी विभाग की कमान फिलहाल पूर्व भारतीय गेंदबाज सुनील जोशी के हाथ में है। recent visitors 45

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

50 एकड़ में स्थापित होगा आदर्श बीज उत्पादन केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया भगोरिया पर्व : जुलवानिया भगोरिया हाट में उड़ा उल्लास और परंपरा का रंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही। बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।   recent visitors 43

महिलाओं की सेहत का राज़ है क्रैनबेरी, इसके जादुई फायदे नहीं जानते होंगे आप

आज के समय में हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाने की चाहत हर किसी की प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे में पौष्टिक और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स को “सुपरफूड” का दर्जा दिया जाता है। इन्हीं में से एक है क्रैनबेरी। एक छोटा सा लाल रंग का खट्टा-मीठा फल, जो स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह विटामिन सी, ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह बीमारियों से बचाता है।इससे हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- यूटीआई से बचाव क्रैनबेरी महिलाओं में आम यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को रोकने में काफी प्रभावी है। इसमें मौजूद प्रोस्यानिडिन्स नामक तत्व बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपकने नहीं देते, जिससे इन्फेक्शन नहीं होता है। दिल की सुरक्षा क्रैनबेरी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स हृदय की धमनियों को हेल्दी बनाए रखते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम करते हैं। पाचन क्रिया में सुधार इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और पाचन को सुचारु बनाए रखता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं और शरीर को इंफेक्शंस से लड़ने में सहायक बनाते हैं। मुंह और दांतों की देखभाल क्रैनबेरी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू में राहत मिलती है। स्किन को बनाएं ग्लोइंग और जवां जवां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं, जिससे स्किन ग्लो करती है। कैंसर से बचाव शोध के अनुसार, क्रैनबेरी में मौजूद तत्व ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और हाई फाइबर वाले इस फल को नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है,जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखे यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ावा देता है, जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। क्रैनबेरी एक टेस्टी और शक्तिशाली सुपरफूड है, जिसे आप ड्राय फ्रूट, जूस, या स्मूदी में शामिल कर अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं। इसका नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और आपको एक्टिव बनाए रखेगा।   recent visitors 112

ईरान-अमेरिका टकराव पर बोले पीएम मोदी, बढ़ते संकट को लेकर दुनिया को दी चेतावनी

ईरान ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान पर बमबारी जारी वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है। recent visitors 46

देवकरण झोरढ़ बने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल की सहमति से भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा ने मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। घोषित सूची के अनुसार देवकरण झोरढ़ को किसान मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा की गई इस नियुक्ति को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और किसान हित से जुड़े मुद्दों के प्रभावी प्रचार-प्रसार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही मोर्चा की आगामी रणनीतियों और कार्यक्रमों को गति देने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। संगठन ने नव नियुक्त पदाधिकारियों से किसान हितों के संरक्षण एवं संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की है। recent visitors 41

खाड़ी देशों में संकट में भारतीय: काम की चाह में गए, अब वतन लौटने की गुहार

नई दिल्ली इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र धधक रहा है। इस आग में हजारों भारतीय भी झुलस रहे हैं। इनमें कुछ विद्यार्थी तो कुछ टूरिस्ट हैं। सबसे ज्यादा वो लोग हैं, जो रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में गए थे लेकिन हवाई हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो चुके हैं। ऐसे में ये लोग वहां फंस गए हैं। लिहाजा, बढ़ते तनाव ने हजारों भारतीयों को अनिश्चितता और भय के बीच ला खड़ा किया है। दुबई, अबू धाबी जैसे विश्व-प्रसिद्ध शहरों में भी अब सायरन बजने और मिसाइल हमले की खबरें आम हो गई हैं। बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीयों के बीच भय का माहौल है। ऐसे हालात में इन देशों में फंसे भारतीय नागरिक सोशल मीडिया पर भारत सरकार से फौरन निकालने की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अपीलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय (MEA) से निकालने की अपील की है। हालांकि, MEA ने प्रभावित देशों में भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो मेडिकल इमरजेंसी, सुरक्षा और निकासी से जुड़े सवालों के लिए मदद देते हैं। मिडिल-ईस्ट में फंसे भारतीय क्या लिख रहे? दुबई में एक वर्कर ने इंस्टाग्राम रील पर पोस्ट किया, "मैं यहां रोजी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की जगह तलाश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हमें यहां से निकालें।" सैकड़ों टूरिस्ट भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं। मिडिल ईस्ट के कई संस्थानों में पढ़ने वाले MBA और मेडिकल के स्टूडेंट भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें भारत सरकार से मदद मांगी जा रही है। छात्र और पर्यटक भी संकट में स्थिति केवल खाड़ी देशों में कमाने गए कामगारों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्र भी इस संकट में फंसे हुए हैं। खासकर तेहरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों ने भावुक अपीलें की हैं। एक छात्रा ने कहा, “यहां हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। हमें नहीं पता अगला पल क्या होगा। कृपया जल्द से जल्द हमें सुरक्षित निकाला जाए।” एक अन्य छात्र ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण सभी छात्र भयभीत हैं और सरकार से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित बता दें कि मध्य पूर्व में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकांश मजदूर वर्ग से हैं। इनके अलावा विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लगभग 2000 छात्र हैं, जो ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं और गंभीर जोखिम में हैं। उनके लिए जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार की पहल इस संकट के बीच विदेश मंत्रालय भारत ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। ये हेल्पलाइन चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और संभावित निकासी से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। एक बयान में, MEA ने ईरान और खाड़ी में हो रहे डेवलपमेंट पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा, "ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।" मंत्रालय ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी और संप्रभुता का सम्मान करने पर ज़ोर दिया। MEA ने जारी की हेल्पलाइन MEA ने इस इलाके में भारतीयों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स की एक लिस्ट जारी की है: – रामल्लाह (फ़िलिस्तीन): फ़ोन: +970592916418; ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in – दोहा (क़तर): फ़ोन: 00974-55647502; ईमेल: cons.doha@mea.gov.in – रियाद (सऊदी अरब): फ़ोन: 00-966-11-4884697; WhatsApp: 00-966-542126748; टोल फ़्री: 800 247 1234; ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in – तेल अवीव (इज़राइल): फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378; ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in – तेहरान (ईरान): फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359 – अबू धाबी (UAE): टोल फ़्री: 800-46342; WhatsApp: +971543090571; ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in – कुवैत: फ़ोन: +96565501946; ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in – बहरीन: फ़ोन: 00973-39418071 – मस्कट (ओमान): टोल फ़्री: 80071234; WhatsApp: +96898282270; ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in – जॉर्डन: फ़ोन: 00962-770 422 276 – बगदाद (इराक): फ़ोन: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899   recent visitors 37