भू-माफियाओं के हौसले बुलंद: मध्य प्रदेश के एकमात्र यहूदी कब्रिस्तान में तोड़फोड़ और कब्जे पर उठे सवाल

Land mafia emboldened: Questions raised over vandalism and encroachment at Madhya Pradesh’s only Jewish cemetery. विशेष संवाददाता: जितेंद्र श्रीवास्तव जबलपुर। मध्य प्रदेश का एकमात्र यहूदी कब्रिस्तान अब वैश्विक चर्चा में है। जबलपुर स्थित लगभग सौ वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक स्थल पर कथित अतिक्रमण, तोड़फोड़ और भूमि कब्जे के आरोपों का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इसी बीच इजरायल में बसे भारतीय मूल के यहूदियों ने भी विरासत बचाने के लिए अपनी सरकार और राजनयिक मिशनों से हस्तक्षेप की मांग की है। इसके साथ ही यह विवाद स्थानीय सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय बन गया है। रानीताल की खामोश जमीन पर दफन इतिहास आज अदालत में संरक्षण की उम्मीद लगाए बैठा है। यह लड़ाई केवल कुछ कब्रों की नहीं, बल्कि उस साझा सांस्कृतिक विरासत की है, जिसने कभी जबलपुर को विविध आस्थाओं का सम्मान करने वाली संस्कारधानी के रूप में पहचान दिलाई है। अब निगाहें हाई कोर्ट की सुनवाई और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यहूदी समुदाय की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मनीष वर्मा ने बताया कि कब्रिस्तान की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और विरासत संरक्षण संबंधी याचिका हाई कोर्ट में विचाराधीन है। ब्रिटिश शासनकाल में जबलपुर में करीब 200 यहूदी परिवार रहते थे। उनके अंतिम संस्कार के लिए तत्कालीन जिला प्रशासन ने लगभग पांच हजार वर्गफीट भूमि आवंटित की थी। आज इस परिसर में 100 से अधिक कब्रें हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इनमें कुछ ऐसे यहूदियों की कब्रें भी हैं, जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा दी थी। आजादी के बाद अधिकांश परिवार इजराइल चले गए और अब शहर में केवल तीन-चार परिवार शेष हैं। उनका आरोप है कि भू-माफिया इस ऐतिहासिक स्थल पर कब्जे की कोशिश कर रहा है। recent visitors 57

भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का बेटा विशेष अदालत से फरार घोषित, कोर्ट ने जारी किया स्थायी गिरफ्तारी वारंट

BJP MLA Pritam Lodhi’s son declared absconder by special court; court issues permanent arrest warrant. ग्वालियर। ग्वालियर की विशेष एससी-एसटी अदालत ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी को फरार घोषित करते हुए उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि प्रकरण के रिकॉर्ड के मुख्य पृष्ठ पर लाल स्याही से “अभियुक्त फरार है” अंकित किया जाए और प्रकरण को नियमानुसार सुरक्षित रखा जाए। दिनेश लोधी (40), निवासी ग्राम जलालपुर, के विरुद्ध पुरानी छावनी थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज है। न्यायालय के रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ 28 दिसंबर 2023 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान पुरानी छावनी थाने के प्रधान आरक्षक संजय द्विवेदी ने अदालत में वारंट की अदम तामील रिपोर्ट और तस्दीक पंचनामा पेश किया। रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश नवीन कुमार शर्मा ने अभियुक्त को फरार घोषित करते हुए उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश पारित किए। recent visitors 29

पावर कॉरिडोर: मंत्री-सचिव की तकरार से लेकर वीआईपी प्रोटोकॉल तक, सत्ता के गलियारों की बड़ी हलचल

Power Corridors: Major stirrings in the corridors of power—from clashes between ministers and secretaries to VIP protocol issues. भोपाल। मध्य प्रदेश के सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक ओर मंत्री और विभागीय सचिव के बीच बढ़ती दूरी ने नए प्रशासनिक समीकरणों को जन्म दे दिया है, तो दूसरी ओर खजुराहो एयरपोर्ट पर कलेक्टर की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसी बीच एक प्रमोटी आईएएस अधिकारी ने अहम पद पर नियुक्त होकर नया रिकॉर्ड बनाया है, जबकि मुख्यमंत्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की मुलाकात भी कई अटकलों को हवा दे रही है। मंत्री ने सचिव हटाने की मांग, अब मुख्यमंत्री के फैसले पर नजर प्रदेश सरकार की एक महिला मंत्री ने अपने विभाग की सचिव को हटाने की मांग सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रख दी है। सूत्रों के मुताबिक मंत्री चाहती हैं कि उनके विभाग में सचिव स्तर के बजाय अपर मुख्य सचिव (ACS) या प्रमुख सचिव (PS) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाए। बताया जा रहा है कि विभाग की 2005 बैच की आईएएस सचिव के साथ मंत्री के कार्यशैली को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। हाल ही में विभाग में हुए तबादलों के दौरान भी दोनों के बीच असहमति खुलकर सामने आई थी। सूत्रों का कहना है कि मंत्री ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर सचिव को तत्काल हटाने का आग्रह किया है। अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री मंत्री की मांग स्वीकार करते हैं या वर्तमान व्यवस्था को बरकरार रखते हैं। खजुराहो एयरपोर्ट पर कलेक्टर की मौजूदगी से बढ़ा सियासी तापमान देश के प्रमुख उद्योगपति अनंत अंबानी के खजुराहो आगमन के दौरान छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल की एयरपोर्ट पर मौजूदगी ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने राज्यपाल और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कलेक्टर की शिकायत की है। उनका आरोप है कि निजी दौरे पर आए व्यक्ति को सरकारी प्रोटोकॉल उपलब्ध कराना और प्रशासनिक संसाधनों का उपयोग करना अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 का उल्लंघन है। हालांकि 2015 बैच के आईएएस अधिकारी पार्थ जायसवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वे किसी निजी स्वागत के लिए नहीं पहुंचे थे और तस्वीरों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।इस मामले पर जहां विपक्ष सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है, वहीं कुछ लोग इसे संभावित निवेश और जिले के विकास की दृष्टि से उचित कदम भी मान रहे हैं। आईएएस आलोक सिंह के नाम जुड़ा नया प्रशासनिक रिकॉर्ड हालिया प्रशासनिक फेरबदल में 2008 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक सिंह को महानिरीक्षक पंजीयन के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कई मायनों में खास मानी जा रही है।बताया जाता है कि पिछले तीन से साढ़े तीन दशकों से इस महत्वपूर्ण पद पर मुख्यतः सीधी भर्ती वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की ही नियुक्ति होती रही है। आलोक सिंह संभवतः पहले प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं जिन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। जानकार बताते हैं कि इससे पहले केवल स्वर्गीय मोती सिंह इस परंपरा से अलग अपवाद रहे थे और वे इस पद पर दो बार नियुक्त होने वाले दुर्लभ अधिकारियों में शामिल थे। ऐसे में आलोक सिंह की नियुक्ति प्रशासनिक हलकों में विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री और अशोक वर्णवाल की मुलाकात के कई मायने हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के बीच हुई वन-टू-वन मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी हुई है।हालांकि मुलाकात में क्या बातचीत हुई इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि आगामी प्रशासनिक फेरबदल और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा हुई हो सकती है। 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक वर्णवाल जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। माना जा रहा है कि सेवानिवृत्ति से पहले या उसके आसपास उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पावर कॉरिडोर की चर्चा प्रदेश की नौकरशाही और राजनीति में इन चार घटनाओं ने नए संकेत दिए हैं। मंत्री-सचिव विवाद, वीआईपी प्रोटोकॉल पर उठे सवाल, प्रमोटी आईएएस की ऐतिहासिक नियुक्ति और मुख्यमंत्री की वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात—इन सभी घटनाओं पर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी रहेगी। recent visitors 33

छतरपुर : पुलिस ने ग्राम ज्योराहा अंतर्गत मंदिर में चोरी का 12 घंटे के अंदर किया खुलासा- चोर को गिरफ्तार कर दान पेटी से चोरी की गई नगद राशि बरामद

Chhatarpur: Police solved the theft at a temple in Jyoraha village within 12 hours – arrested the thief and recovered the cash stolen from the donation box. छतरपुर । थाना जुझार नगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ज्योराहा में मंदिर की दानपेटी से राशि चोरी संबंधी पुजारी वीरेंद्र दास सिंह की रिपोर्ट पर थाना जुझारनगर में भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।  पुलिस अधीक्षक छतरपुर रजत सकलेचा द्वारा पुलिस टीम को चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिए गए। थाना जुझारनगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय कर क्षेत्र में भ्रमण करने वाले संदिग्ध की जानकारी एकत्र की गई। पुलिस टीम द्वारा एकत्रित साक्ष्य एवं सूचना के आधार पर संदेही से पूछताछ की गई, चोरी करना स्वीकार किया गया। चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी बृजेंद्र अहिरवार पिता गजराज अहिरवार निवासी ग्राम सोसाइटी पुरवा, मिढ़का, थाना लवकुशनगर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से मंदिर की दानपेटी से चोरी किए गए 6657 रुपए नगद राशि बरामद की गई। विधिवत कार्यवाही की जा रही है। उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं एसडीओपी लवकुश नगर  नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जुझार नगर उप निरीक्षक राजकुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक विनोद, आरक्षक शुभम सेन, मंगल यादव, राहुल चौहान, समद खान, विनोद प्रजापति की भूमिका रही। recent visitors 31

दफ्तर के चक्करों से मुक्ति! अब आपकी ग्राम पंचायत में होगी जनसुनवाई, मौके पर निराकरण

No more running around to government offices! Public hearings will now be held in your Gram Panchayat, with on-the-spot resolution of issues. शहडोल ! अकसर देखा गया है कि लोग जनसुनवाई में दूर-दराज से आते हैं, लेकिन तब भी उनकी सुनवाई नहीं हो पाती. जिससे उन्हें बहुत परेशानी होती है. इसी को लेकर दूर दराज से आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शहडोल जिले के सोहागपुर ब्लॉक की एसडीएम अमृता गर्ग ने एक अनोखी पहल की है. जिसके तहत सोहागपुर अनुभाग के ग्राम पंचायतों में भी प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा. यहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और मौके पर समाधान निकाला जाएगा. अब ग्राम पंचायत में जनसुनवाईसोहागपुर ब्लाक की एसडीएम अमृता गर्ग इन दिनों चर्चाओं में हैं. क्योंकि वो नित नए नवाचार कर रही हैं. इसी के तहत उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके आने जाने में होने वाले तकलीफों का ध्यान रखते हुए अब गांव में ही जनसुनवाई कराने का फैसला किया है. जिसके तहत सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी. जनसुनवाई में कौन-कौन होगा?एसडीएम अमृता गर्ग ने बताया है कि, ”जनसुनवाई में संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक, आशा कार्यकर्ता, महिला सुपरवाइजर सहित अन्य मैदानी अधिकारी उपस्थित रहेंगे. जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी जाएंगी और प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाएगा.” एसडीएम अमृता गर्ग ने बताया कि, ”ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली जनसुनवाई से आमजनों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कमिश्नर या कलेक्टर कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी और प्रशासन की सेवाएं सीधे गांव स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी. यदि किसी आवेदन का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, तो संबंधित आवेदक को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि समस्या के समाधान में कितना समय लगेगा और उसका निराकरण कब तक किया जाएगा.” recent visitors 67

200 करोड़ की शंकराचार्य प्रतिमा के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, मुख्य पिलर में आया झुकाव, लोकायुक्त ने शुरू की जांच

Safety standards ignored in the construction of the ₹200-crore Shankaracharya statue; main pillar develops a tilt; Lokayukta initiates an investigation. भोपाल। ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की नव-निर्मित 108 फीट ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ वननेस) के एक पिलर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इंटरनेशनल स्ट्रक्चरल एनालिसिस सॉफ्टवेयर (ईटीएबीएस) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल प्रतिमा के मुख्य आंतरिक स्टील पिलर पर तय सीमा से करीब 24 प्रतिशत अधिक दबाव पड़ रहा है। मानकों के मुताबिक सुरक्षा का स्ट्रेस रेशियो 0.85 होना चाहिए, जो बढ़कर 1.244 तक पहुंच गया है। इस दबाव के कारण मुख्य पिलर में हल्का झुकाव भी देखा गया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई2,300 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सुरक्षा और तकनीकी खामियों की शिकायत अब सीबीआई, लोकायुक्त और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंच चुकी है। यह शिकायत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी ने दर्ज कराई है। बनर्जी का आरोप है कि वे पिछले 6 महीनों से मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और निर्माण कंपनी एलएंडटी को लिखित में इस खतरे की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर गड़बड़ी को उजागर करने के बाद फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी को उनके पदों से हटा दिया गया है। बता दें कि 200 करोड़ की इस प्रतिमा को 140 से 170 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं को झेलने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन जांच के अनुसार यह 120 किमी/घंटा की हवा भी नहीं झेल सकती। फिलहाल इंदौर लोकायुक्त कार्यालय ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए शिकायतकर्ता से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। अधिकारियों का पक्षइस मामले पर आदि शंकराचार्य न्यास के सीईओ डॉक्टर मनीष पांडेय का कहना है कि एकात्म धाम प्रोजेक्ट का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा हो रहा है, इसलिए इस विषय पर पर्यटन निगम ही बात कर सकता है। वहीं, मप्र पर्यटन विकास निगम के एमडी दिलीप यादव ने निर्माण में किसी भी तरह की कमी से साफ इनकार किया है। उनका दावा है कि विशेषज्ञों की देखरेख में काम हुआ है और गुणवत्ता में किसी लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। recent visitors 49

गौरिहार में खण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर का सख्त रवैया, लापरवाही पर निलंबन, वेतन कटौती और इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश

Collector takes a tough stand at the block-level review meeting in Gaurihar, orders suspension for negligence, salary cuts and withholding of increments. छतरपुर । कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने गौरिहार जनपद में ब्लॉकवार राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य ,महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा की।  इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित पटवारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए फार्मर आईडी, नक्शा तरमीम एवं सीमांकन की टॉप -बॉटम हल्कों के पटवारियों से प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने फार्मर आईडी बनाने एवं खसरा लिंकिंग, तरमीम के कार्य में असंतोषजनक प्रगति  पर हल्का सरवई, कटरा, प्रकाश बम्हौरी पटवारी का 1-1 इंक्रीमेंट रोकने साथ ही शिशोलर, ठकुर्रा एवं गोयरा पटवारी को निलम्बित करने के निर्देश दिए और जुझारनगर पटवारी का एक दिवस, कितपुरा पटवारी का 3 दिवस, रेवना पटवारी का 7 दिवस एवं पहरा पटवारी का एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने आवश्यक निर्देश कलेक्टर ने बारिश के मौसम को देखते हुए सभी पटवारियों को अपने क्षेत्र की पुल, पुलिया एवं रास्तों जहां दुर्घटना की आशंका हो का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक उपाय के लिए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने को भी कहा। उन्होंने पटवारियों को अपने हल्के के अनुसार विद्युत सम्बंधित शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम का नम्बर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने के भी निर्देश दिए। कितपुरा सचिव को सस्पेंड करने एवं चंद्रपुरा सेक्टर अंतर्गत उपयंत्री की वेतन काटने और जनपद में अटैच करने के निर्देश आवास निर्माण कार्य में प्रगति बढ़ाने एवं पंचायतों के कार्य पूरे करने के निर्देश कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जनपद सीईओ द्वारा अव्यवस्थित जानकारी देने पर गहरी नाराजगी जताते हुए भविष्य में ध्यान रखने की हिदायत दी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास के निर्माण में कम प्रगति होने पर कितपुरा सचिव को निलंबित करने, जीआरएस का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में कम प्रगति पर चंद्रपुरा सेक्टर अंतर्गत उपयंत्री का सात दिन का वेतन काटने और जनपद में अटैच करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम रेवना सचिव की एक वेतन वृद्धि और जीआरएस का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पंचायतों में लंबित अनुग्रह सहायता और संबल के प्रकरणों का निराकरण शीघ्र करें।  कलेक्टर ने वीबी जी राम जी अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए हर पंचायत को 20-25 जीडब्ल्यू कार्य लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जब तक पूर्व के कार्यों की जानकारी अपलोड न हो तब तक नए काम स्वीकृत नहीं किए जाएं। कलेक्टर ने  आवास के कार्यों में प्रगति बढ़ाने एवं पंचायतों के निर्माण कार्य में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।  उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, उद्यानिकी, कृषि, मत्स्य पालन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त कर समीक्षा की। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने निर्देशित किया की शासन की मंशानुरूप सभी लक्ष्यों की पूर्ति उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करें। डिलेवरी प्वाइंट फंक्शनल करने के निर्देश आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य कार्य में भी सहयोग करने के निर्देश प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कम प्रगति होने पर पर्यवेक्षक का 7 दिन का वेतन काटने के निर्देश कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास की खंड स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों में हितग्राही पंजीयन, केंद्रों में एचसीएम वितरण, प्री स्कूल एजुकेशन, लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सेक्टर गोयरा, खड़ेहा और गौरिहार की प्रगति कम होने पर सेक्टर पर्यवेक्षक सविता अहिरवार का 7 दिवस का वेतन काटने का निर्देश दिए। साथ ही सभी इंडिकेटर में सुधार के निर्देश दिए गए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के कार्य में भी सहयोग करें। उन्होंने अपार और आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देश दिए कि सभी डिलेवरी प्वाइंट को फंक्शनल करें और प्रयास करें कि शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव हो।  बैंकों में लंबित प्रकरणों के निराकरण कराने के निर्देश कलेक्टर ने पशुपालन विभाग अंतर्गत क्षीरधारा तथा कामधेनु योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उद्यानिकी विभाग को योजनाओं के बैंकों में लंबित प्रकरण के निराकरण कराने के निर्देश दिए।  उर्वरक की सैंपलिंग करने के निर्देश कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रदर्शन बीज वितरण एसडीएम एवं तहसीलदार की निगरानी में करने के निर्देश दिए साथ ही उर्वरक की सैम्पलिंग सुनिश्चित करने को कहा। नामांकन बढ़ाने और बच्चों की अपार आईडी बनाने के निर्देश कलेक्टर ने मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री मत्स्य समृद्धि योजना की प्रगति पर और ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को शत् प्रतिशत नामांकन तथा सभी बच्चों की अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। recent visitors 29