थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की। recent visitors 451

इस धंधे ने BJP नेता को बनाया धनकुबेर, प्रॉपर्टी पर कब्जा कर गाड़ियां भी छीन लेता था पूर्व पार्षद

मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयकर विभाग ने हाल ही में केशरवानी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बीड़ी और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश और बृजेश केशरवानी ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसी धंधे से वह करोड़पति बने। उन्होंने लोगों को ब्याज पर खूब पैसा दिया, जिसे नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ियां छीन ली और प्रॉपर्टी पर भी कब्जा कर लिया। आईटी के छापे में उनके पास से सात फार्च्यूनर, क्रिस्टा और इनोवा जैसी लग्जरी कारें मिली है। साथ ही चार किलो 700 ग्राम सोने के साथ करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं। दअरसल, आयकर विभाग ने तीन दिन पहले सागर में तीन प्रमुख ठिकानों पर छापा मारा था। जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और पूर्व पार्षद राजेश और बृजेश केशरवानी के ठिकानों की जांच की गई थी। इन छापेमारियों में विभाग को 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बेनामी होने की जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को छापेमारी में 150 करोड़ की टैक्स चोरी का भी पता चला है। हालांकि, टीम अभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते है। Read More:– प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर एसपी समुदाय का होगा कब्जा , ये नाम आगे बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने रविवार सुबह सागर में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान एक टीम ने भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और उनके भाई कुलदीप राठौर के घर छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम ने पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, उनके भाई बृजेश केशरवानी और सहयागी राकेश छावड़ा के घर छापा मारा था। तीन दिन की जांच के बाद आईटी की टीम को करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन का पता चला है। किसके घर क्या मिला था? पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर से 140 करोड़ से ज्यादा के नकद लेनदेन के दस्तावेज मिले थे। साथ 7 बेनामी लग्जरी कारें और करीब 4.7 किलो सोना और गहने मिले था। सोने और गहनों के दस्तावेज दिखाने के कारण आईटी टीम ने इसे जब्त नहीं किया था।भाजपा पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से 14 किलो सोना और 3.8 करोड़ रुपये नकद मिले थे। कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ करोड़ों के लेनदेन और टैक्स चोरी की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा उनके घर में तीन मगरमच्छ भी पले हुए मिले थे। जिन्हें देखकर आयकर विभाग की टीम भी हैरान रह गई थी। recent visitors 279

bjp state president Post पर एसपी समुदाय का होगा कब्जा , ये नाम आगे

st community may get a chance in the list of bjp state president Post these names will come forward

अध्यक्ष के नाम पर कयासों का दौर तेज हो गया है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद 24 वर्षों में अब तक आदिवासी वर्ग के हाथ bjp state president Post की बागडोर नहीं मिल सकी। MP BJP President : bjp state president Post के नाम पर कयासों का दौर तेज हो गया है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद 24 वर्षों में अब तक आदिवासी वर्ग के हाथ प्रदेश की बागडोर नहीं मिल सकी। जबकि इस दौरान अनुसूचित जाति के सत्यनारायण जटिया नौ माह के लिए मनोनीत अध्यक्ष बने थे। वहीं साल 1980 से ब्राह्मण सबसे ज्यादा 6 और क्षत्रिय 5 बार प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस बीच बदलते पॉलिटिकल ट्रेंड में भाजपा जातिगत समीकरण साधने आदिवासी समुदाय की ओर भी जा सकती है। बता दें 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का चयन होना है। इसके लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जल्द ही भोपाल का दौरा कर सकते हैं। प्रदेश में मौजूदा स्थिति में सीएम डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम में से राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी से आते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सामान्य से हैं। ऐसे में सोशल इंजीनियरिंग बनाने एससी पर पार्टी दांव खेल सकती है। 1980 के बाद से ऐसा रहा फॉर्मूलाब्राह्मण- 06क्षत्रिय – 05जैन – 02ओबीसी – 02वैश्य – 01एसटी – 01एससी – 01 भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोटबैंक को साधने के लिए विशेष प्रयास किए थे। 230 सीटों में से 47 आदिवासी सीटों पर पार्टी ने 24 सीटें जीती थीं। हालांकि यह प्रदर्शन भाजपा के कुल 163 सीटों की तुलना में कमजोर था। लोकसभा चुनावों में पार्टी ने एसटी वर्ग की सुरक्षित सीटों पर 50% से अधिक वोट हासिल किए थे। बता दें प्रदेश में करीब 24 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। Read more:- जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड फग्गन सिंह कुलस्ते(Faggan Singh Kulaste): सात बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते इस दौड़ में सबसे आगे हैं। वे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से उनकी संभावना प्रबल है।सुमेरसिंह सोलंकी(Sumer Singh Solanki): राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी युवा और ऊर्जावान चेहरा हैं। मालवा के सोलंकी संघ के नजदीकी हैं। आदिवासी समाज में उनकी अच्छी पकड़ है।जातिगत समीकरण: प्रदेश में मौजूदा स्थिति में सीएम डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम में से राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी से आते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सामान्य से हैं। ऐसे में सोशल इंजीनियरिंग बनाने एससी पर पार्टी दांव खेल सकती है।ये भी संभावित नामगजेंद्र सिंह पटेल और महिला नेताओं में हिमाद्री सिंह का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि इनकी संभावनाएं प्राथमिक नामों की तुलना में थोड़ी कमजोर मानी जा रही हैं। recent visitors 322

मध्यप्रदेश वासियों सावधान: 13 जनवरी से कड़ाके की ठंड तापमान 3 डिग्री तक बढ़ेगा: जबलपुर-चंबल समेत 5 संभागों में बूंदाबांदी के आसार

भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी पर 2-3 दिन के लिए ब्रेक लगेगा। 11 और 12 जनवरी को ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में बूंदाबांदी होने के आसार है। वहीं, कोहरा भी रहेगा। 13 जनवरी से कड़ाके की ठंड का दौर फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने 10, 11 और 12 जनवरी को दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। इसके बाद तापमान में फिर गिरावट होगी। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी से बूंदाबांदी और बादल वाला मौसम रहेगा। बर्फीली हवाओं से ठिठुर गया पूरा एमपी बर्फीली हवा चलने से प्रदेश के शहरों में दिन-रात कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछली 3 रात से पारा काफी नीचे लुढ़का है। यह दौर तीन दिन के लिए थम जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फ पिघल रही है, जिससे हवा की रफ्तार भी तेज हो गई है। गुरुवार को जेट स्ट्रीम हवाओं की रफ्तार 250 किमी प्रतिघंटा रही। जनवरी में 20 से 22 दिन शीतलहर मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। जनवरी के पहले सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ी। दूसरा दौर भी ऐसा ही रहा। 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 10 जनवरी: ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में कोहरा रहेगा। 11 जनवरी: विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में बादल और बूंदाबांदी हो सकती है। इन जगहों पर सुबह कोहरा भी रहेगा। 13 जनवरी: विदिशा, बैतूल, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर में बूंदाबांदी हो सकती है। recent visitors 190

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी jeetu patwari and jai vardhan की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं jeetu patwari and jai vardhan ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। Read More : दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध! कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं। [/more] recent visitors 363

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी। [/more] recent visitors 218

सावधान कियोस्क बैंक खाते वालों आप के साथ भी कर सकते है धोखाधड़ी 

Be careful, those with kiosk bank accounts may also be cheated  छतरपुर । सरवई थाना क्षेत्र में गोहानी गांव की महिला ने कियोस्क संचालक पर खाते से रुपए निकालने के आरोप लगाते हुए एसपी को आवेदन दिया है। गोहानी की पान कुमारी पत्नी भुमानीदीन यादव ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करती है। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए गौरिहार तिराहा पर स्थित एसबीआई कियोस्क में खाता खुलवाया। जिसमें उसने 49 हजार 500 रुपए जमा किए। यह राशि कियोस्क संचालक तेजप्रकाश अहिरवार तथा महेश चंद्र अहिरवार निवासी खड़ेहा ने धोखाधड़ी कर खाते से निकाल लिए हैं। पहले दोनों रुपए वापस लौटाने की बात कह रहे थे, लेकिन अब वे अपनी बात से मुकर गए हैं। recent visitors 233