सफाईकर्मियों से मनमुताबिक काम ले रही सरकार उनकी समस्याओं और सुविधाओं को भूली: रामगोपाल

The government, which is taking work from sanitation workers as per its wishes, has forgotten their problems and facilities: Ram Gopal भोपाल। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का परिचय सम्मेलन का आयोजन पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में आयोजित हुआ। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्टÑ, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी मौजूद रहे।  राजस्थान से आए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा ने समाज की पीड़ा पर अपनी राय रखी और पदाधिकारियों को सुझाव तथा संगठन विस्तार के टिप्स भी बताए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के अधिकांश लोग साफ-सफाई जैसे कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकारें उनके जीवनयापन को सुदृढ़ बनाने में ठोस कदम नहीं उठा रही है। मप्र के सफाईकर्मियों की स्थिति अन्य प्रदेशों की अपेक्षा ज्यादा दयनीय है। यहां की सरकार इनसे मन मुताबिक काम ले रही है।  उन्होंने शिक्षा और आरक्षण में अलग से प्रतिनिधित्व की मांग पर भी जोर देने की बात कही।  उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के सफाईकर्मियों की समस्याओं पर अनुसंधान चल रहा है। संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महासभा ने माता सीता शक्ति वाहिनी और युवा पीढ़ी को जोड़ने लवकुश बाल्मीकि सेना का गठन किया है। हर घर अलख जगाना है। लोग काम करेंगे तो कोई संगठन को तोड़ नहीं सकता है। कार्यक्रम में अशोक भगवानियां, चिमन कल्याणे, पुरुषोत्तम डागोर, इंजीनियर सूरज खरे, तरुण गौहर, भूरा कल्याणे, सतीश भगत समेत महिलाएं भी मौजूद रहीं। recent visitors 71

10वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव में श्रद्धा, शांति और वैश्विक भाईचारे का संदेश

10th International Buddhist Festival brings a message of devotion, peace and universal brotherhood  भोपाल। दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित 10वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव-2026 रविवार को राजधानी के चूना भट्टी स्थित बुद्धभूमि महाविहार मोनेस्ट्री में सम्पन्न हुआ। इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का उद्देश्य भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित करुणा, अहिंसा, शांति, समता, बंधुत्व एवं मानव कल्याण जैसे शाश्वत मूल्यों का समाज में व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा वैश्विक शांति, सामाजिक समरसता एवं मानवीय चेतना को सुदृढ़ करना रहा। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण तथागत भगवान बुद्ध की दुर्लभ अस्थि-धातु कलश का दर्शन रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना, त्रिशरण-पंचशील एवं सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय भिक्षु-संघ द्वारा धम्म प्रवचन एवं शांति संदेश प्रदान किए गए। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध धर्म प्रचारिका एवं शांति संदेशवाहक जापान के भिक्षुणी म्योसेन सतो ने कहा कि करुणा, मैत्री, अहिंसा और समता केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि मानव जीवन की आधारशिला हैं। यदि इन मूल्यों को व्यवहार में उतारा जाए तो समाज से द्वेष, भेदभाव और हिंसा स्वत: समाप्त हो सकती है। उन्होंने भारत को भगवान बुद्ध की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि भारत ने विश्व को धम्म दिया है, अब यह भारत का दायित्व है कि वह पुन: शांति का नेतृत्व करे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ध्यान, सदाचार और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का अंग बनाएं। दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के अध्यक्ष भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म आज के युग में विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और मानवता की रक्षा का सबसे प्रभावशाली मार्ग है। यह महोत्सव मानव एकता का सजीव उदाहरण है। कार्यक्रम का समापन मंगल मैत्री भावना, शांति प्रार्थना एवं आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। कार्यक्रम में थाइलैंड श्रीलंका, ताइवान, बौद्ध गया, न्यू दिल्ली के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं की मौजूदगी में मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा,अरुण श्रीवास्तव और विभिन्न धर्म, संघटन के प्रतिनिधियों ने दर्शन किए।  इस अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, मीडिया, ग्राम विकास एवं मानव कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निम्न विशिष्ट व्यक्तित्वों को अंतर्राष्ट्रीय धम्मदूत अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। फर्स्ट एजुकेशन फाउंडेशन के क्लस्टर हेड प्रदीप इलामकर, वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश डोंगरडिवे , दीपक बौद्ध मुरैना, वरिष्ठ समाजसेवी भारत संध्यान, ग्राम बंगरसिया भोपाल के सरपंच रतन सिंह पैरवाल, वरिष्ठ समाजसेवी हीरामणी चौधरी, एलएल अहिरवार, साधना भारतीया, जांगड़ा महासभा अध्यक्ष राजेश बांधेवाल, सुरेन्द्र पालिया,नंदकिशोर गेडाम, सुनीता गोलघाटे उज्जैन, मर्चेंट नेवी अधिकारी, चीफ आॅफिसर, एनवाईके शिप मैनेजमेंट प्रालि (जापान) के नितिन हाडके को अंतर्राष्ट्रीय धम्मदूत अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।  वहीं शांति, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध पीस अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। इनमें नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, एसबीआई की पूर्व प्रबंधक ममता तेम्बुर्ने जबलपुर, घनश्याम पटेल मिर्ज़ापुर, सेवानिवृत्त आईएएस जेएन कंसोटिया, विधायक फूल सिंह बरैया,  आईएएस सभाजीत यादव, चंद्रा कंस्ट्रक्शन के निदेशक मिलिंद निम्बालकर, निम्बालकर सिक्योरिटी सर्विसेज निदेशक रवि निम्बालकर, डीपी बिल्डर एंड डेवलपर्स के निदेशक देवेंद्र गोलाइत, भाजपा नेता व इंजीनियर सुनील अहिरवार शामिल हैं। recent visitors 75

आनंदपुर धाम ट्रस्ट में चल रहे गुप्त तहखाने और आपराधिक गतिविधियां 

Secret cellars and criminal activities going on in Anandpur Dham Trust  भोपाल। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र में स्थित आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूर्व सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग एवं प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति विभाग (कांग्रेस) प्रदीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर ट्रस्ट की गतिविधियों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि आनंदपुर धाम में लंबे समय से आपराधिक और असंवैधानिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पत्र में आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट परिसर में बिना अनुमति के बड़े-बड़े गुप्त तहखाने (बेसमेंट) बनाए गए हैं। इन तहखानों की न तो नगर प्रशासन से अनुमति ली गई और न ही किसी विभाग को इसकी विधिवत जानकारी दी गई। पत्र में आशंका जताई गई है कि इन तहखानों का उपयोग अवैध गतिविधियों और लोगों को छिपाकर रखने जैसे गंभीर कृत्यों के लिए किया जा सकता है, जिसकी तत्काल जांच आवश्यक है। प्रदीप अहिरवार ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि ट्रस्ट से जुड़े मामलों में युवक-युवतियों के साथ शारीरिक व मानसिक शोषण, तथा दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जा और अनैतिक खरीद-फरोख्त के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के समर्थन में पीड़ितों के बयान, वीडियो साक्ष्य और अन्य दस्तावेज उपलब्ध होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से कुछ लोगों को पंजाब, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भेजा गया, जहां उन्हें बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के रखा गया। इसे मानव तस्करी की गंभीर आशंका बताते हुए प्रदीप अहिरवार ने इस पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है। पत्र में भोपाल निवासी अमरीक सिंह जिसे हवाला कारोबारी बताया गया, सहित ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि आनंदपुर धाम को कथित रूप से प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त रहा है। पत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल सहित कुछ अधिकारियों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदीप अहिरवार ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यह मामला कानून व्यवस्था, मानवाधिकार और संविधान के मूल्यों से सीधे जुड़ा हुआ है। recent visitors 87

मेट्रो प्रोजेक्ट भोपाल में चला रहा पेड़ों पर आरी पेड़ों की कटाई का सिलसिला लगातार जारी

Metro project is cutting down trees in Bhopal. The process of felling trees continues. भोपाल। रायसेन रोड स्थित गोविन्दपूरा इंडस्ट्रियल एरिया गेट एवं आईटीआई के आस पास के क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं एनजीटी द्वारा शहर में 16 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना के तहत अयोध्या बायपास पर हजारों पेड़ों की कटाई के बाद कटाई पर रोक लगा दी गई है।  पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि 40 से 50 साल पुराने हरे-भरे पेड़ों को विकास के नाम पर काटा जा रहा है, जबकि भोपाल पहले ही बढ़ते वाहनों, औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाने और पटाखों के कारण गंभीर वायु प्रदूषण झेल रहा है। ऐसे में हरियाली खत्म होने से शहर की हवा और तापमान दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एक परिपक्व पेड़ प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है। हजारों पेड़ों की कटाई से आक्सीजन स्तर में गिरावट और हीट आइलैंड प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति ली गई है और क्या पेड़ कटाई से पहले वैकल्पिक पुनरोपण की ठोस योजना तैयार की गई है।  पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं  स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं वहीं शहर में जहां-जहां सड़कें बनाई जाती हैं, वहां बाद में अतिक्रमण हो जाता है, जिससे जनता को कोई राहत नहीं मिलती। यदि सड़क चौड़ी करने या विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई चलती रही तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी साथ ही पर्यावरण पर भी असर देखने को मिलेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेड़ कटाई का निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। जनता का साफ संदेश है कि ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जो पर्यावरण, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ समझौता करे। recent visitors 82

दमोह सांसद राहुल लोधी के घर पहुंचे बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा , सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर जताया शोक

Badamalhara District Panchayat President Raghav Raja reached the house of Damoh MP Rahul Lodhi.  लोकेंद्र सिंह  बड़ामलहरा। बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा ने दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी की सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। रघुराज प्रताप सिंह अपने सहयोगियों के साथ  हिंडोरिया स्थित सांसद राहुल सिंह लोधी के निज निवास पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर राघव राजा ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान वातावरण शोकमय रहा। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। पूरे क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक की लहर व्याप्त है। recent visitors 97

आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में 18 जनवरी को भोपाल में ओबीसी, एससी, एसटी का महाआंदोलन

Massive agitation by OBC, SC, ST in Bhopal on January 18 in support of IAS Santosh Verma भोपाल। ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 18 जनवरी को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित भेल दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से विशाल महाआंदोलन और महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस महाआंदोलन को भीम आर्मी, जयस सहित अनेक सामाजिक व आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में अपाक्स के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश पटेल, अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, अजाक्स के एसएल सूर्यवंशी, ओबीसी महासभा के कमलेंद्र सिंह, भीम आर्मी के सुनील बैरसिया, युवा छात्र संघ के प्रियंक जाटव और पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के महामंत्री सीएस यादव ने डबल इंजन की भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा द्वारा किसी भी जाति, वर्ग या समाज के प्रति कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई थी। उनके कथन के भावार्थ को समझे बिना कुछ लोगों ने जानबूझकर दुष्प्रचार किया, जिसके आधार पर सरकार ने व्सतु स्थिति को जाने समझे बगैर कारण बताओ नोटिस जारी कर डीओपीटी को प्रस्ताव भेज दिया। यह सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिससे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसी दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जानी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कहा गया कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, न्यायपालिका और विकास की मुख्यधारा में लगातार उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल में घोषित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच भटकाया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार को बिना बहाने सीधे तौर पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। महाआंदोलन की प्रमुख मांगें आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी समस्त कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए।ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।एससी, एसटी,ओबीसी के सभी रिक्त व बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान से भरे जाएं।निजी क्षेत्र और संविदा, आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू किया जाए।ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति और पर्याप्त छात्रावास सुविधा मिले।संविदा नियुक्ति संबंधी बिल निरस्त कर स्थायी भर्तियां की जाएं।न्यायालयों, मंदिरों और शासकीय ठेकों में आरक्षित वर्गों को जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।पेसा अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए। recent visitors 105

राहुल गांधी को इंदौर में सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत, प्रशासन ने कहा- नो, सरकार पर बरसे जीतू पटवारी

Rahul Gandhi was denied permission to hold a conference in Indore, the administration said no, Jitu Patwari lashed out at the government इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को शहर के पीड़ित परिवारों और मरीजों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे। इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई। कल नेता प्रतिपक्ष आदरणीय @RahulGandhi जी इंदौर आ रहे हैं। वे दूषित पानी से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे और उन्हें संबल प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश के हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिले, इसी… pic.twitter.com/YmUTG7q7Gs — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 16, 2026 सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत- जीतू पटवारीपटवारी ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे।” सरकार पर बरसे जीतूपटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, “इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?” बता दें कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है। इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। recent visitors 159