गडकरी का बड़ा ऐलान…₹20/लीटर वाले फ्यूल पर चलेंगे बस-ट्रक ! नये इंजन हो रहे तैयार

Gadkari’s major announcement 15% methanol-diesel blend… buses and trucks to run on ₹20/litre fuel! New engines are being developed. नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार लगातार वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuels) को बढ़ावा दे रही है. अब ऐसा फ्यूल सामने आया है, जो डीजल से कई गुना सस्ता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, मेथेनॉल (Methanol) भविष्य में ट्रक, बस, ट्रैक्टर, जहाज और भारी मशीनों के लिए बड़ा विकल्प बन सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी कीमत करीब 20-22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। नितिन गडकरी ने बताया कि असम पेट्रो-केमिकल्स रोजाना करीब 700 टन मेथेनॉल का उत्पादन कर रही है. अगर आने वाले समय में इस फ्यूल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर का फ्यूल खर्च काफी कम हो सकता है। खासकर ट्रक और बस ऑपरेटर्स को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। पहले ही सफल हो चुका ट्रायलमेथेनॉल को लेकर सिर्फ दावे ही नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है। कर्नाटक में 15% मेथनॉल-डीजल ब्लेंड के साथ बसों को करीब तीन महीने तक चलाया गया। इस दौरान इंजन में कोई तकनीकी समस्या नहीं आई और वाहन की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक रही। इसके बाद देश की पॉपुलर कंपनी Ashok Leyland ने 100% मेथेनॉल पर चलने वाले डेडिकेटेड इंजन भी तैयार कर लिए हैं। सिर्फ ट्रक-बस ही नहीं, इन वाहनों में भी होगा इस्तेमालमेथेनॉल का उपयोग सिर्फ कमर्शियल ट्रकों और बसों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का मानना है कि भविष्य में इसका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में भी किया जा सकता है,जिससे डीजल की खपत कम होगी और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी बड़ी कमी आएगी। देखिए लिस्ट- इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल भी बनेंगे डीजल का विकल्पगडकरी ने बताया कि मेथेनॉल के अलावा इथेनॉल से बनने वाला आइसो-ब्यूटानॉल भी डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। किर्लोस्कर ग्रुप 100% आइसो-ब्यूटानॉल और इथेनॉल पर चलने वाले जनरेटर सेट डेवलप कर चुका है। भविष्य में इनका इस्तेमाल कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कंस्ट्रक्शन मशीनरी में किया जा सकेगा। किसानों और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा?मेथेनॉल का उत्पादन देश में ही किया जा सकता है। सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बांस रिफाइनरी के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इससे तीन बड़े फायदे होंगे। पर्यावरण के लिए भी बेहतरमेथेनॉल, इथेनॉल और आइसो-ब्यूटानॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन डीजल की तुलना में कम प्रदूषण पैदा करते हैं. यही वजह है कि सरकार इन्हें सड़क परिवहन के साथ-साथ जल परिवहन में भी बढ़ावा देना चाहती है। अगर इनका बड़े स्तर पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो इससे भारत को क्लीनर एनर्जी, कम ईंधन खर्च और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। recent visitors 38

कूनो में बनेगा नया चीता जेनेटिक पूल, बोत्सवाना की मादा CCB-3 को ग्वालियर के जंगल से लाकर वापस छोड़ा; बढ़ेगी प्रजनन की संभावना

New cheetah genetic pool to be created in Kuno; female cheetah CCB-3 from Botswana brought back from Gwalior forests and released; breeding prospects to improve. ग्वालियर। श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता परियोजना के अगले चरण को गति देने के लिए नया जेनेटिक पूल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परियोजना के तहत बोत्सवाना से लाए गए चीतों के माध्यम से आनुवंशिक विविधता बढ़ाने और स्वस्थ नई पीढ़ी तैयार करने की दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत बोत्सवाना मूल की मादा चीता सीसीबी-3 (CCB-3) को दोबारा कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया है। करीब 20 दिनों तक ग्वालियर वन मंडल के जंगलों में विचरण करने के बाद मादा चीता को सुरक्षित वापस लाकर ऐसे क्षेत्र में छोड़ा गया है, जहां उसके अन्य नर चीतों के संपर्क में आने और प्राकृतिक प्रजनन की संभावना अधिक मानी जा रही है। आनुवंशिक विविधता बढ़ाना मुख्य उद्देश्यवन अधिकारियों के अनुसार, चीता परियोजना का प्रमुख लक्ष्य केवल चीतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि मजबूत और विविध आनुवंशिक आधार वाली नई पीढ़ी विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य से बोत्सवाना से लाए गए चीतों को परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नए वातावरण में इन चीतों को पूरी तरह स्थापित करना और उन्हें सफल प्रजनन कार्यक्रम से जोड़ना परियोजना की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी वजह से उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और गतिविधियों पर लगातार विशेषज्ञों की निगरानी रखी जा रही है। रंग और बनावट में दिखा अंतरवन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोत्सवाना से लाए गए चीतों का रंग पहले दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तुलना में अधिक गहरा पीला है। इसके अलावा उनके शरीर की बनावट और व्यवहार में भी कुछ प्राकृतिक अंतर देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह अंतर पूरी तरह सामान्य है और उनके मूल आवास तथा आनुवंशिक पृष्ठभूमि का परिणाम है। recent visitors 31

नौसेना को मिला INS महेंद्रगिरी, राजनाथ बोले- ड्रोन हब के तौर पर जाना जाएगा यह इलाका

Navy receives INS Mahendragiri; Rajnath says this region will be known as a drone hub. विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) ! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को यहां विशाखापत्तनम डॉकयार्ड में INS महेंद्रगिरी को कमीशन किया. इससे इंडियन नेवी के बाड़े में एक और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप शामिल हो गया है. बता दें, यह एक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट और प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी-क्लास का छठा वॉरशिप है. कमीशनिंग सेरेमनी के दौरान राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर भी मिला. जानकारी के मुताबिक पूर्वी घाट में महेंद्रगिरी पहाड़ों के नाम पर रखा गया यह फ्रिगेट लचीलेपन, ताकत और पक्के इरादे का प्रतीक है. इस नाम वाला पहला भारतीय नेवी का वॉरशिप होने के नाते, महेंद्रगिरी सच में अपने आप में अनोखा है. उम्मीद है कि यह वॉरशिप एक खास पहचान बनाएगा और भारत के समुद्री इतिहास में एक और अध्याय जोड़ेगा. इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने पहले भी आठ ड्रोन कंपनियों के ग्रुप द्वारा कुरनूल में ‘ड्रोन सिटी’ बनाने के बारे में बात की थी. जैसे सूरत को ‘डायमंड सिटी’ और बेंगलुरु को देश की ‘सिलिकॉन वैली’ के नाम से जाना जाता है, मुझे विश्वास है कि एक दिन इस इलाके को देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा. इस अनोखे इत्तेफाक पर गौर करें: आसमान में AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट), समुद्र की गहराई में BDL (भारत डायनेमिक्स लिमिटेड) के नेवल सिस्टम, बिना पायलट वाले इलाके में कुरनूल के ड्रोन, और आज, समुद्र की सतह पर INS महेंद्रगिरी. इसका मतलब है कि आज, आंध्र प्रदेश हर क्षेत्र – हवा, पानी, जमीन और बिना पायलट वाले इलाके में भारत की रक्षा क्षमताओं में योगदान दे रहा है. मैं इस कामयाबी पर आंध्र प्रदेश सरकार और लोगों को दिल से बधाई देता हूं. इंडियन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (WDB) ने इसे इन-हाउस डिजाइन किया है और मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने इसे बनाया है. महेंद्रगिरी, प्रोजेक्ट 17A क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट का छठा जहाज है. यह जहाज देसी वॉरशिप डिजाइन और कंस्ट्रक्शन में भारत की बढ़ती एक्सपर्टीज को दिखाता है. जो जानकारी मिली है उसके अनुसार 75 परसेंट से ज्यादा स्वदेशी सामान के साथ, यह जहाज भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल की सफलता को दिखाता है और भारतीय जहाज बनाने के सिस्टम की बढ़ती क्षमता को दिखाता है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जहाज के कंस्ट्रक्शन में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSMEs) समेत कई भारतीय इंडस्ट्रीज शामिल हुई हैं, जिससे देश का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस मजबूत हुआ है और काफी रोजगार पैदा हुए हैं. महेंद्रगिरी में स्वदेशी और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम का एक एडवांस्ड सेट लगा है, जिससे यह एंटी-एयर, एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन अच्छे से करेगा. यह जहाज समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन, सर्च और रेस्क्यू मिशन, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR), और इंडियन ओशन रीजन (IOR) और उससे आगे लगातार तैनाती के लिए भी सक्षम है. INS महेंद्रगिरी की कमीशनिंग, प्रोजेक्ट 17A प्रोग्राम के सफल एग्जिक्यूशन में एक और अहम मील का पत्थर है. जैसे-जैसे इस क्लास के फ्रिगेट बेड़े में शामिल होंगे, वे इंडियन नेवी की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाते रहेंगे और साथ ही भारत को एक लीडिंग स्वदेशी वॉरशिप-बिल्डिंग देश के तौर पर अपनी जगह मजबूत करेंगे. इससे पहले रक्षा मंत्री शुक्रवार शाम विशाखापत्तनम पहुंचे, जहां उनका स्वागत नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने किया. इससे पहले, सिंह ने महेंद्रगिरि की कमीशनिंग को देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व का पल बताया. रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि 11 जुलाई 2026 को 6वें प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट, महेंद्रगिरि की कमीशनिंग सेरेमनी के लिए, हमारे देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व के पल का गवाह बनने के लिए विशाखापत्तनम जा रहा हूं. इस वॉरशिप को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए, सिंह ने कहा कि यह देश में डिजाइन और बनाया गया स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप हमारे आत्मनिर्भर भारत विज़न और हमारी घरेलू डिफेंस इंडस्ट्रीज और MSMEs की जबरदस्त क्षमताओं का सबूत है. उन्होंने आगे कहा कि महेंद्रगिरी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और एक सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के हमारे इरादे को मज़बूत करने के लिए लड़ाई के लिए तैयार है. recent visitors 36

MP News दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार, नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला टिकट

MP News: BJP names Ashutosh Tiwari as candidate for Datia by-election; Narottam Mishra denied ticket. भारतीय जनता पार्टी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही दतिया में चुनावी मुकाबला तेज हो गया है। भाजपा की सूची में आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी खत्म हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके नाम को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। भाजपा ने नए चेहरे पर लगाया दांवदतिया उपचुनाव में भाजपा ने अनुभवी नेता और संगठन से जुड़े आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। तिवारी शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान ग्वालियर क्षेत्र के संगठन मंत्री रह चुके हैं और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी नेताओं में माना जाता है। मूल रूप से वे दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से संघ व संगठन में सक्रिय रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने एक ब्राह्मण चेहरे की जगह दूसरे ब्राह्मण चेहरे पर भरोसा जताया है। इससे पार्टी ने जातीय समीकरण में बड़ा बदलाव नहीं किया, लेकिन नेतृत्व के स्तर पर नया विकल्प जरूर सामने रखा है। नए उम्मीदवार के सामने नेटवर्क बनाना होगी चुनौतीवरिष्ठ पत्रकार देवश्री माली का कहना है कि भाजपा ने नया चेहरा उतारकर स्थानीय स्तर पर एक नया संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती चुनावी रणनीति और संगठनात्मक नेटवर्क को कम समय में सक्रिय करना होगी। उनके अनुसार, दतिया में भाजपा लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मजबूत जनाधार और उनके समानांतर संगठनात्मक नेटवर्क के सहारे चुनाव लड़ती रही है। नरोत्तम की व्यक्तिगत पकड़ बूथ स्तर तक मानी जाती थी। ऐसे में नए उम्मीदवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस नेटवर्क को कम समय में प्रभावी ढंग से सक्रिय करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना होगी। यदि भाजपा संगठन और संघ का मजबूत सहयोग नए उम्मीदवार को मिला, तो चुनावी मुकाबले में पार्टी को बढ़त मिल सकती है। दतिया सीट पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। अब कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी घोषित होना बाकी है। पार्टी में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। इसके अलावा घनश्याम सिंह और अवधेश नायक के नामों की भी चर्चा है। बता दें दतिया में उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई है। 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 13 जुलाई तक पर्चे भरे जाएंगे। इसके बाद 14 जुलाई को नामांकन की जांच और 16 जुलाई को नामवापसी होगी। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना प्रस्तावित हैं। recent visitors 21

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी कांग्रेस, जीतू पटवारी ने पदाधिकारियों को दिए चुनावी मंत्र

Congress gears up to strengthen the organization down to the booth level; Jitu Patwari shares election strategy with office-bearers. झाबुआ। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को झाबुआ जिले में आयोजित संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर में पार्टी पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का मंत्र दिया। शिविर में जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और मंडलम अध्यक्षों ने भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रशिक्षण विभाग के प्रभारी महेंद्र जोशी, झाबुआ जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस संगठन की असली ताकत कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने का आह्वान किया, ताकि पार्टी की विचारधारा प्रत्येक गांव और हर मतदाता तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। जनसरोकारों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, युवाओं और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करेगी और प्रत्येक कार्यकर्ता को जनता की आवाज बनने की जिम्मेदारी निभानी होगी। आगामी चुनावों को लेकर बनाई रणनीति शिविर में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों पर भी विस्तार से मंथन किया गया। नेताओं ने संगठन को अधिक प्रभावी, अनुशासित और सक्रिय बनाने के लिए प्रशिक्षण, संवाद और जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर जोर दिया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मजबूत संगठन ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और सभी पदाधिकारी पूरी ऊर्जा के साथ जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाएं। recent visitors 28

10 अगस्त तक जमा करें चौरसिया प्रतिभा सम्मान हेतु प्रविष्टियाँ

Submit entries for the Chaurasia Pratibha Samman by August 10. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। चौरसिया समाज जबलपुर (पंजीयत) द्वारा परंपरानुसार आयोजित किए जा रहे 38वें “चौरसिया दिवस समारोह” के अवसर पर इस वर्ष भी समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली निस्वार्थ विभूतियों का सम्मान किया जाएगा। यह गरिमामयी समारोह रविवार, 23 अगस्त 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक स्थानीय मानस भवन, राइट टाउन, जबलपुर में आयोजित होगा। समारोह संयोजक एम.आर. राहुल चौरसिया एवं समाज अध्यक्ष शिव कुमार चौरसिया ने समाजजनों से आग्रह किया है कि प्रतिभा सम्मान के लिए पात्र विद्यार्थियों एवं प्रतिभाओं की प्रविष्टियाँ सोमवार, 10 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से निर्धारित केंद्रों पर जमा कर दें। प्रतिभा सम्मान के लिए पात्रता के अनुसार नर्सरी से कक्षा 5वीं तक 70 प्रतिशत, कक्षा 6वीं से 8वीं तक 65 प्रतिशत तथा कक्षा 9वीं से महाविद्यालय स्तर तक 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नीट, जेईई, पीएससी अथवा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों तथा कला, संगीत, खेलकूद एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा। आवेदन के साथ संबंधित अंकसूची अथवा प्रमाण-पत्र की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा। प्रत्येक प्रति के पीछे अभिभावक का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। समिति ने स्पष्ट किया है कि चौरसिया दिवस समारोह में दिए जाने वाले पुरस्कार प्रतिभागी स्वयं अथवा उनके परिजन मंच से ही प्राप्त करेंगे। समारोह समाप्त होने के बाद पुरस्कार प्रदान करने की जिम्मेदारी समिति की नहीं होगी।यह जानकारी मीडिया प्रभारी अनिकेत चौरसिया ने दी। recent visitors 22

बैंक एफडी घोटाले में राजेंद्र भारती पर फैसला थोड़ी देर में, तय होगा दतिया उपचुनाव का भविष्य

Verdict on Rajendra Bharti in the bank FD scam expected shortly; the future of the Datia by-election will be determined. Datia By Election High Court: विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला शुक्रवार को आने की उम्मीद है। बैंक एफडी घोटाले में गुरुवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। यह निर्णय भारती के राजनीतिक भविष्य व दतिया उपचुनाव में भाजपा-कांग्रेस की रणनीति को लेकर अहम माना जा रहा है। बता दें, दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारती को 3 वर्ष की सजा सुनाई जिसके बाद विधानसभा से उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी। पी. चिदंबरम ने रखा पक्षवरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने भारती का पक्ष रखा। कहा, मामला आपराधिक नहीं, सिविल प्रकृति का है। बैंक स्वयं पहले इसको सिविल मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था, जहां दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ था। कहा, समझौते की राशि अब तक नहीं मिली और संबंधित एफडी अब भी बैंक में सुरक्षित है। recent visitors 32