खाली खजाना, भारी वादे— कर्ज के सहारे चल रही मोहन सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया

Empty coffers, big promises—the debt-ridden Mohan government has taken a new loan of ₹1,800 crore. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय सेहत को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इस बार कर्ज लेने की प्रक्रिया पिछले साल के मुकाबले एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई है। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्र से मिलने वाले टैक्स के हिस्से में हुई कटौती और आरबीआई के नए नियम हैं, जिसने सरकार को शुरुआती महीनों में ही बाजार से पैसा उठाने पर मजबूर कर दिया है। बजट से ज्यादा हुआ कर्जमध्य प्रदेश का चालू वित्त वर्ष (2026-27) का बजट करीब ₹4,38,317 करोड़ का है, लेकिन राज्य पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब ₹5,20,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानी सरकार की कुल कमाई और खर्च के बजट से भी करीब 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा का कर्ज प्रदेश पर लदा हुआ है। 2007 में जो कर्ज महज ₹52,731 करोड़ था, वह पिछले 20 सालों में 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। क्या है कर्ज बढ़ने की वजहकेंद्र की कटौती और लाडली बहना का बोझ राज्य की आर्थिक कमर टूटने के पीछे दो बड़े कारण हैं। एक तो केंद्र सरकार ने राज्यों की टैक्स हिस्सेदारी को 7.850% से घटाकर 7.347% कर दिया है। महज 0.5% की यह गिरावट मध्य प्रदेश को हर साल ₹8000 करोड़ का चपत लगाएगी। दूसरी ओर सरकार की लाडली बहना फ्लैगशिप योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं। इस अकेले मद में सरकार को हर महीने ₹1,836 करोड़ का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। आखिर इतनी जल्दी कर्ज क्यों?सरकार ने इस बार अप्रैल में ही कर्ज लेना क्यों शुरू किया? इसके पीछे आरबीआई की एक नई नीति है। अब राज्यों की अनयूटिलाइज्ड लोन लिमिट अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं होगी। अगर सरकार इस साल की ₹85,000 करोड़ की लिमिट का उपयोग नहीं करती, तो वह पैसा लैप्स हो जाता। इसलिए, विकास कार्यों और योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही कर्ज उठाना बेहतर समझा। recent visitors 145

एमपी के कर्मचारियों को राहत: छठे वेतनमान वाले 40 हजार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर भी मिलेगा

Relief to MP employees: Dearness allowance of 40,000 employees of sixth pay scale increased by 5%, arrears will also be given. मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। छठे वेतनमान के तहत आने वाले करीब 40 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 5 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। सरकारी आदेश के अनुसार अब छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 की सैलरी से लागू होगी। जुलाई 2025 से मिलेगा एरियरसरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2025 से मिलेगा। यानी जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह एरियर एक साथ नहीं दिया जाएगा। इसे छह बराबर किस्तों में बांटा जाएगा, जो मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। जो कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि में रिटायर हो चुके हैं, उन्हें पूरा एरियर एक साथ दिया जाएगा। इससे रिटायर कर्मचारियों को भी पूरा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार पहले ही सातवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए 3 प्रतिशत बढ़ा चुकी है, जिससे उनका महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो गया है। छठे और सातवें वेतनमान में वेतन संरचना अलग होने के कारण डीए का प्रतिशत भी अलग-अलग तय किया जाता है। छठे वेतनमान में बेसिक पे कम होने से डीए अधिक रखा जाता है। recent visitors 116

बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना और उनके सिद्धांतों का पालन करना ही जयंती का मूलमंत्र

The motto of the birth anniversary is to follow the path shown by Baba Saheb and follow his principles. भोपाल। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एमपी नगर के बोर्ड ऑफिस चौराहा पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के अनुयायियों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा सर्वधर्म समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने नाश्ते के रूप में केला, खीर, चावल मशाला मिक्स जैसे अन्य खाद्य सामग्री वितरित की। चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने पांडाल लगा रखे थे, जहां दिनभर डॉ अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित गीतों की गूंज सुनाई देती रही। पांडालों में जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बड़े-बुजुर्गों ने जमकर नृत्य किया और डॉ. अंबेडकर के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। इसके अलावा राजधानी के अलग-अलग इलाकों से रैलियों के जरिए दिनभर बोर्ड आॅफिस स्थित डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ, जो देररात तक जारी रहा। इसके अलावा शहर के सैकड़ों स्थानों पर भी जन्मोत्सव पर कार्यक्रम हुए। डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से सीख लेना होगा, तभी तरक्की संभव : आईएएस वर्मा अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन जो संघर्ष किया, वह हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। जरूरत है उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारने की। उनके बताए रास्तों पर चलने की। वहीं अजाक्स के कार्यकारी अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना होगा, तभी सच्चे मायने में उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य पूरा होगा। अजाक्स के पदाधिकारी वियज शंकर श्रवण, गौतम पाटिल, अशोक बैन, संदीप मानकर समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और समाज को सामाजिक बुराईयों से सावधान रहने, राजनैतिक भ्रम से सबक लेने और आर्थिक तरक्की की राह में वाधा बने अवरोधों को दूर करने के लिए अंबेडकरवादियों को आगाह किया। भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प: कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो, ऋषि अजय दास, महाराज ज्ञानी, दिलीप सिंह, इमरान हारून, प्रो मनोज जैन, गुरुचरण अरोड़ा वक्ताओं ने बाबासाहेब के विचारों—समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने एवं समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। recent visitors 108

ज्वाइंट सेकेट्री बनकर अधिकारियों पर झाड़ा रौब, सच्चाई सामने आई तो जोड़ने लगा हाथ

Posing as Joint Secretary, he intimidated officials, and when the truth came out, he started begging. भोपाल/उज्जैन। उज्जैन में दिल्ली निवासी एक शातिर युवक ने स्वयं को केंद्र सरकार का ज्वाइंट सेकेट्री बताकर सर्किट हाउस में 2 कमरे बुक करवाए और महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था के लिए दबाव बनाया। सर्किट हाउस के कर्मचारियों को उसकी हरकतों पर शंका हुई तो उन्होने तत्काल दिल्ली स्थित मंत्रायल से जानकारी ली। इसके बाद युवक का फर्जीवाड़ा पकड़ाया। कर्मचारियों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि अतुल पिता राजीव रंजन कुमार निवासी द्वारिकापुरी दिल्ली 6 अप्रैल को जिला सहायक सत्कार अधिकारी सुरभित सिंह को फोन लगाकर 11 अप्रैल शनिवार को सर्किट हाउस में 2 कमरे बुक करने और 12 अप्रैल रविवार को भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। शनिवार शाम अतुल कुमार अपने दोस्त और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंच गया। यहां पर कर्मचारी और अधिकारियों पर रोब झाडते हुए उसने वीआईपी सुविधा लेने का प्रयास किया। कर्मचारियों को उसकी हरकतों पर शंका हुई। उन्होंने अतुल से उसका परिचय पत्र मांगा। अतुल लगातार टालमटोल करता रहा। कर्मचारियों ने संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर जानकारी ली तो स्पष्ट हुआ कि वह किसी भी उच्च पद पर पदस्थ नहीं है।पुलिस ने बताया कि अतुल शनिवार को सर्किट हाउस पहुंच गया था। उसके साथ कुछ लोग भी थे। कमरे बुक करवाने के पहले उसने खुद को मिनिस्ट्री सिविल एवीएशन का ज्वाइंट सेकेट्री बताया था। लेकिन जब वह देवास रोड स्थित सर्किट हाउस पहुंचा तो स्टॉफ ने उससे विभाग का आईडी मांगा। लेकिन वह आईडी दिखा नहीं पाया। जिसके बाद कर्मचारियों ने मिनिस्ट्री सिविल एवीएशन में संपर्क कर जांच की तो पता चला की अतुल नाम का कोई भी व्यक्ति वहां पदस्थ नहीं है। कर्मचारियों को हुई शंका तो बुलाई पुलिससर्किट हाउस कर्मचारियों को इस बात की पुष्टि हो गई की अतुल फर्जी अधिकारी बनकर वीआईपी सुविधा लेने का प्रयास कर रहा है तो उन्होने तत्काल सहायक सत्कार अधिकारी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद अतुल को देर रात महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अतुल ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के नाम से भी पत्र भेजने की बात स्वीकार की है। पूछताछ के दौरान वह लगातार पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा। इस दौरान उसने अपने परिवार में आईएएस अधिकारी होने का हवाला देकर भी प्रभाव बनाने की कोशिश की थी।पूछताछ चल रही,जल्द होगा पर्दाफाशइस संबंध में चर्चा करने पर महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि अतुल पहले भी इस प्रकार से कई जिलों में ठगी कर चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 204, 319(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी अतुल दिल्ली में ही किसी सुरक्षा कंपनी में सुपरवाईजर के पद पर काम कर चुका है। इसलिए वह स्वयं को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी करता है। फिलहाल उसके खिलाफ जांच की जा रही है। recent visitors 91

एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी स्पर्धा में बच्चों ने दिखाया उत्साह

Children show enthusiasm in Acrobat Aquatic Fest-2026 swimming competition भोपाल। रायसेन रोड कल्पना नगर के कोल परिसर स्थित पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल में 12 अप्रैल को एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन की शुरुआत बच्चों के रिपोर्टिंग टाइम के साथ हुई। यह आयोजन एक्रोबट स्पोर्ट्स एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल द्वारा भोपाल स्विमिंग एसोसिएशन के सहयोग से किया गया है। इसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई। प्रतियोगिता के समापन पर कोच और समिति पदाधिकारियों ने सभी विजेता प्रतिभागी बच्चों को शील्ड-मेडल ओर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूल संचालक संतोष कटियार, स्वीमिंग कोच आरडी झा, समाजसेवी उदित नारायण समेत बड़ी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य, बच्चे और उनके अभिभावक गण मौजूद रहे। 25 हजार प्रतिभागियों को सिखा चुके स्वीमिंग स्वीमिंग पूल संचालक संतोष कटियार ने बताया कि इस स्वीमिंग ग्रुप को संचालित किए हुए 14 साल हो गए हैं। अभी तक लगभग 25 हजार प्रतिभागियों को स्वीमिंग सिखा चुके हैं। बच्चों को ट्रेनिंग भी देते हैं, जिससे बच्चों की ग्रोथ हो। इस स्वीमिंग को हमने नर्सरी के तौर पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के पैरेंटस भी प्रेरित करेंगे, तो बच्चे और आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। स्वीमिंग एक ऐसी विद्या है, जिसमें सबसे ज्यादा आयोजन होते हैं और मेडल भी सबसे ज्यादा इसी खेल में हैं। स्वीमिंग प्रतियोगिताओं की सतत आवश्यकता कोच आरडी झा ने बताया कि मप्र तैराकी में पहले स्थान पर था। अभी तीसरे स्थान पर है। ऐसी प्रतियोगिताओं की सतत जरूरत है, ताकि बच्चों को उनके हुनर के लिए सुविधाजनक मंच मिल सके। संतोष कटियार ने स्वीमिंग को मंच देने के लिए फिर से कार्य शुरू कर दिया है। उनके प्रयास और योगदान के परिणाम स्वरूप आने वाला कल फिर भोपाल को खुशी देने वाला होगा। वे बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से कोच को बुलाते हैं। 150 से 200 प्रतिभागी हुए शामिल आयोजन सचिव एवं प्रबंधक, पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल प्रबंधक एवं आयोजक सचिव बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए फ्री स्टाइल, बैंक स्ट्रोक, ब्रेस्ट स्ट्रोक, बटरफ्लाई (50 मीटर, 100 मीटर और 200 मीटर तथा 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) जैसी विभिन्न प्रतिस्पधार्एं आयोजित की गई, जिनमें आयु के अनुसार प्रतिभागी बच्चों ने भाग लिया। इसमें 150 से 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपना हुनर दिखाया।पूल प्रबंधक बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि यह प्रतियोगिता हर वर्ष समर वोकेशन के अवसर पर अप्रैल माह में आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के तैराकों को एक मंच प्रदान करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित और तैराकी खेल को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता की श्रेणियां सीनियर (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2009 या उससे पहले। ग्रुप-1 (बालक/बालिका): 2010 से 2012 के बीच। ग्रुप-2 (बालक/बालिका): 2013 से 2014 के बीच। ग्रुप-3 (बालक/बालिका): 2015 से 2016 के बीच। ग्रुप-4 (बालक/बालिका): 2017 से 2018 के बीच। ग्रुप-5 (बालक/बालिका): 2019 या उसके बाद के शामिल रहे। वहीं मास्टर्स (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2001 या उससे पहले वालों को शामिल किया गया है। recent visitors 84

मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी

‘Nari Shakti Vandan’ festival in Madhya Pradesh from today, information will be given about women’s reservation law राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करना है। इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन से होगी। इसके अलावा सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। पदयात्रा आयोजित होगीमहिला एवं बाल विकास विभाग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” आयोजित करेगा। इसमें समाज की महिलाएं शामिल होंगी। युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” बनाई जाएगी, जहां वे पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे। अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभा14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इनमें अधिनियम पर चर्चा होगी और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पंचायतों, नगरीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां और सेमिनार होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियानजनसंपर्क विभाग इस अभियान का प्रचार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा। प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना की महिलाओं को अभियान में जोड़ा जाएगा। शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रमस्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण को बेहतर तरीके से समझ सके। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इस पखवाड़े को जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। recent visitors 65

35 करोड़ का गेहूं सड़ाकर 150 करोड़ का नुकसान, भाजपा सरकार की लापरवाही या संगठित भ्रष्टाचार: जीतू पटवारी

Loss of Rs 150 crore due to rotting of wheat worth Rs 35 crore, negligence of BJP government or organised corruption: Jitu Patwari भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले के दिवटिया (नूरगंज) एवं नूरगंज वेयरहाउस में हजारों टन गेहूं सड़ने और उसकी लागत 35 करोड़ रुपए से बढ़कर 150 करोड़ रुपए तक पहुंचने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा और आक्रामक हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और गैरजिम्मेदार शासन का भयावह उदाहरण है। जिस अनाज को गरीबों के घर तक पहुंचना था, वह वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहा और अंतत: जहरीला बन गया। यह केवल अनाज की बबार्दी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की खुली लूट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदा गया यह गेहूं लगभग 20 हजार टन मात्रा में वेयरहाउस में पड़ा रहा, लेकिन सरकार और संबंधित अधिकारियों ने समय पर इसका उठाव सुनिश्चित नहीं किया। न तो वितरण की कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही भंडारण की समुचित व्यवस्था की गई। परिणामस्वरूप, करोड़ों रुपए का अनाज पूरी तरह सड़कर अनुपयोगी हो गया। पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 35-36 करोड़ रुपए का गेहूं किराया, मेंटेनेंस, परिवहन और कीटनाशक छिड़काव जैसे खर्चों के कारण बढ़ते-बढ़ते 150 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर जानबूझकर लागत बढ़ाने और घोटाले को छिपाने का प्रयास? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक संगठित आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है, जहां भंडारण की आड़ में वर्षों तक अनाज को सड़ने दिया गया और उसके नाम पर लगातार खर्च दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की लूट है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ गेहूं नहीं सड़ा है, यह भाजपा सरकार की नीयत और व्यवस्था सड़ चुकी है। गरीब का हक गोदामों में सड़ रहा है और सत्ता के संरक्षित लोग उससे मुनाफा कमा रहे हैं। यह घोटाला नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने आगे कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक छिड़काव के कारण यह गेहूं अब जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। यदि समय रहते इस अनाज का उचित वितरण किया जाता, तो लाखों गरीब परिवारों को राहत मिल सकती थी। पटवारी ने यह भी कहा कि यह घटना मध्यप्रदेश की भंडारण व्यवस्था की पूरी पोल खोलती है। जहां एक ओर किसान अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष करता है, वहीं दूसरी ओर खरीदा गया अनाज वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहता है। यह प्रशासनिक असफलता के साथ-साथ नीतिगत विफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करना अत्यंत आवश्यक है। कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है? किसके आदेश पर अनाज को वर्षों तक रोका गया? क्यों समय पर वितरण नहीं हुआ? इन सभी सवालों का जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जनता के पैसे की बबार्दी और गरीबों के हक की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार को हर हाल में जवाब देना होगा और दोषियों को सजा दिलानी होगी। प्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें: 1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। 2. जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। 3. 150 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई दोषियों से वसूली जाए। 4. प्रदेश की भंडारण एवं वितरण प्रणाली की समग्र समीक्षा कर सुधार लागू किए जाएं। 5. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र विकसित किया जाए। recent visitors 61