MP RajyaSabha Elections 2026: भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव रहे साथ

MP RajyaSabha Elections 2026: BJP candidates Tarun Chugh and Rajneesh Aggarwal filed their nominations, with CM Mohan Yadav accompanying them. भोपाल ! MP RajyaSabha Elections 2026 मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए भाजपा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों के नामांकन पत्र प्रस्तुत कराए। इससे पहले भाजपा कार्यालय में बैठक और मंदिर में पूजा-अर्चना हुई।मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में दोनों का नामांकन पत्र दाखिल कराया।दोनों ने भाजपा नेताओं के साथ शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों प्रत्याशी भाजपा कार्यालय स्थित शिव एवं हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। MP RajyaSabha Elections 2026 हमारे प्रत्याशियों ने भरा नामांकन सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज हमारे दोनों ही राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन भर दिया है। इस दौरान भाजपा की सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस समय हम सभी हर्ष और उल्लास के साथ हैं। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। हमारा राज्य संगठन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में आता है। हम सबने मिलकर उनका नॉमिनेशन फॉर्म जमा करवाया है। हम सभी वर्गों की सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने जमीन पर रहकर संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया है। recent visitors 39

नर्मदा से राष्ट्रीय उद्यानों तक, मध्य प्रदेश की कहानी जो हर भारतीय को जाननी चाहिए

From Narmada to National Parks, the Story of Madhya Pradesh Every Indian Should Know Madhya Pradesh Every Indian भारत (India) का एक राज्य है जो 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया. राज्य नर्मदा नदी (Narmada River) के किनारे बसा हुआ है, जो विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमाला (Satpura Ranges) के बीच पूर्व और पश्चिम में बहती है. ये पर्वतमाला और नर्मदा भारत के उत्तर और दक्षिण के बीच की पारंपरिक सीमाएं बनाती हैं. मध्य प्रदेश का उच्चतम बिंदु धूपगढ़ है. मध्य प्रदेश की सीमा पश्चिम में गुजरात (Gujarat) से, उत्तर-पश्चिम में राजस्थान (Rajasthan) से, उत्तर-पूर्व में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से, पूर्व में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से और दक्षिण में महाराष्ट्र (Maharashtra) से साझा करती है. Madhya Pradesh Every Indian वर्तमान में, राज्य में जिलों की संख्या 52 है (52 Districts). इन जिलों को दस प्रशासनिक प्रभागों में बांटा गया है. वर्ष 2000 में, इस राज्य को दो राज्यो में विभाजित कर दिया गया (MP divided into two parts)- एक मध्य प्रदेश (MP) और दूसरा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh). इस राज्य का क्षेत्रफल 308,252 वर्ग किलोमीटर है (Area of MP). 2011 जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 7.27 लाख है (MP Population). इस राज्य में 230 विधान सभा सीट हैं (MP Vidhan Sabha Seats). मध्य प्रदेश, भारत में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश है, जिसका सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹9.17 ट्रिलियन है. मानव विकास सूचकांक में मध्य प्रदेश भारतीय राज्यों में 23वें स्थान पर है. भारत में खनिज संसाधनों से समृद्ध मध्य प्रदेश में हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है. इसका 30% से अधिक क्षेत्र वन आच्छादित है. 2010-11 में राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कारों में मध्य प्रदेश शीर्ष पर रहा है (Ecomomy Madhya Pradesh). मध्य प्रदेश दस राष्ट्रीय उद्यानों का गढ़ है- बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, संजय राष्ट्रीय उद्यान, माधव राष्ट्रीय उद्यान, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, मंडला संयंत्र जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, पेंच राष्ट्रीय उद्यान और डायनासोर राष्ट्रीय उद्यान और धार उद्यान (National Parks in MP). अमरकंटक (Amarkantak), बाग गुफाएं (Bagh Caves), बालाघाट, बोरी प्राकृतिक रिजर्व, केन घड़ियाल (Ken Gharial), घाटीगांव, कुनो पालपुर, नरवर, चंबल, कुकदेश्वर, चिडी खो, नोरा देही, पचमढ़ी, पानपठा, शिकारगंज, पातालकोट, सहित कई प्रकृति भंडार भी यहां मौजूद हैं (Nature Reserves MP). recent visitors 40

राज्यसभा चुनाव: MP में BJP उतारेगी तीसरा उम्मीदवार? विजयवर्गीय के बयान के बाद अटकलें तेज

kailash vijayvargiya said if bjp announces third candidate efforts will be made to ensure victory mp rajya sabha elections, MP RajyaSabha Election 2026 MP RajyaSabha Election 2026: मध्य प्रदेश से बीजेपी ने राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू होने के बीच, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने शुक्रवार (05 जून) को कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस चुनाव के लिए राज्य से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा करती है, तो उसे भी जिताने की कोशिश की जाएगी. विजयवर्गीय के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भाजपा राज्यसभा चुनाव में मध्यप्रदेश से तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतार सकती है? MP RajyaSabha Election 2026 प्रदेश से राज्यसभा की कुल तीन सीट खाली हो रही हैं. भाजपा ने राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित किया है. कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह की खाली हो रही इस सीट से लंबे समय बाद किसी महिला चेहरे को प्रत्याशी बनाया है. ‘तीसरा उम्मीदवार घोषित होने पर उसे भी जिताने की कोशिश करेंगे’ कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के दोनों उम्मीदवार बहुत अच्छे हैं और उनके चयन के लिए वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद देते हैं. उन्होंने कहा,‘‘मुझे उम्मीद है कि हमारे दोनों उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव जीतेंगे. अगर हमारी पार्टी कोई तीसरा उम्मीदवार घोषित कर दे, तो हम उसे भी जिताने की कोशिश करेंगे.’’ एमपी में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए कब है वोटिंग? यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश से तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारेगी, पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सीधा जवाब दिए बगैर कहा कि अभी केवल दो सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं. मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को मतदान होगा. इस चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख आठ जून है. recent visitors 31

एमपी में शराब दुकानों पर सख्ती बढ़ी, ओवर रेटिंग और अवैध अहातों पर चलेगा विशेष अभियान

Strictness increased on liquor shops in MP, special campaign will be launched against over-rating and illegal premises. भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह “ऑफ श्रेणी” घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या आसपास शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी। अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद कराने के लिए विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। वहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए दुकानों पर शराब की दरें प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, ताकि ग्राहक वास्तविक कीमत की जांच कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों और क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 45

विपणन संघ में अम्बेडकर जयन्ती पर कार्यक्रम, जीवन संघर्षों को किया याद

 Program organized on Ambedkar Jayanti in Marketing Association, life’s struggles remembered  भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ जहांगीराबाद में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135 वी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ।  कार्यक्रम का शुभारंभ विपणन संघ के समस्त वरिष्ठ अधिकारीगणों द्वारा दीप प्रज्वलित कर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ बुद्ध वन्दना का पाठ मप्र विपणन संघ विभागीय शाखा अजाक्स के प्रान्तीय अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन द्वारा किया गया।  कार्यक्रम में योगेश जोशी, भगवान सिंह खेड़ेकर, प्रदीप ओमकार, रोहित कुमार जैन, रोमेन तिर्की, महेश मसाने,  प्रशान्त वामनकर, देवेन्द्र यादव, सत्य विजय चन्दन, साजिया शेख सहित कई कर्मचारियों ने बाबा साहब के जीवन पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अन्त में मिष्ठान्न वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप ओंकार (मुख्य महाप्रबंधक वित्त), योगेश जोशी महाप्रबंधक (दलहन तिलहन), भगवान सिंह खेडेकर, महाप्रबंधक (खाद/उपार्जन), रोमेन तिर्की. महाप्रबंधक (वित्त/रोकड),रोहित कुमार जैन महाप्रबंधक (वित्त/लेखा सामा.) राकेश हेडाऊ उपमहाप्रबंधक (स्टेशनरी/भण्डारण), महेश प्रसाद मसाने (उपमहाप्रबंधक, वित्त/लेखा सामा.) शैलेंद्र कोचक (उपमहाप्रबंधक वित्त/लेखा उपार्जन), कमलेश धोके (उपमहाप्रबंधक वित्त/दलहन/तिलहन) प्रशांत वामनकर (स्थापना अधिकारी) पूर्व अधिकारी जेके त्रिपाठी, भावना सेयके, कमलेश जौधरी, नितिन मिश्रा, शिशिर जैन, अर्जुन सिंह ठाकुर, तरनजीत कौर, राजेश बाथम, राजेश मालवीय, कविता वर्मा, प्रवीण रघुवंशी, संजय गीते, शीतल बाथम, बॉबी बाथम, मनोज डण्डेरवाल, डाॅली बाथम, नितेंद्र सिंह, अशोक कैलासिया, प्रबंध संचालक के निज सहायक, मिथिलेश कुमार सोनकर, ललित फलसौदिया, फ्लोरेंस मसीह, ओम प्रकाश बाघेला, अजय बाथम, आनंद विडवैकर, विशाल डहेरिया, मुकेश धौलपुरे, कमल कुमार झारिया, प्रीतमसिंह नागर, मोहम्मद जासीन खान, मोहम्मद मुदस्सर हसैन, मोहम्मद शमी हुसैन, गोपाल शर्मा, योगेंद्र सिंह राजपूत, शर्मिला साह, इति मालवीय, वृंदा गुप्ता, नेहा लाल, कविता वर्मा, नंदनी बौद्ध, मसूद खान, मनीषा शर्मा, मीनाक्षी जोशी, शर्मिला साहू, जीएस श्रीवास्तव, डॉ.अहमद शकील सिद्दीकी, समीउल्लाह खान, आरएन तिवारी, एनके तेलंग, अपर्णा जैन, नेहा चौहान, पूर्णिमा घोष, अभिलाषा शाक्य, पूनम साहू, सपना राय, तृत्ति इंदुरखिया, सोहन सिंह उईके, रेनू सक्सेना, श्रीमती संगीता जैन, नितिन गौर, मन्नू लाल कुसरे, मोहिल द्विवेदी, बबलू सोलंकी, मनोज अग्निहोत्री, रोशनी व्यास, रजनी नेवराते. वरुण चौबे, फईम अंसारी, पवन विश्वकर्मा, आरती यादव, अजय श्रीवास्तव, सतीश नागर, श्रीमती उषा वर्मा, राजकुमार उपाध्याय, सौरभ गुप्ता, जितेंद्र पाल, राजेश रहंगडाले, रमेश चिढार, कुलदीप ठाकुर, प्रकाश राजपूत, शीला चौधरी, सत्येन्द्र कुमार, ऋषि राठौर, कमलाबाई, बतूली बाई, प्रशांत, देवेश शुक्ला, साहिल विश्वकर्मा, विशाल राजपूत, दिनेश, अक्षय जैन, देवेश शुक्ला, संदीप चौधरी पतिराम पाल, तृत्ति ठाकुर, प्रिया सक्सेना, श्रीमती कमलेश देश, तीरथ सिंह रावत, अकित पाण्डे, उदयन मिश्रा, प्रतिभा निमौरे, मिस्टरसिंह, रित बाथम, होल्कर राम यादव श्रीनिवास सोनी, रवि यादव, केपी विश्वकर्मा, मुकेश शाक्य, सुरेश साहू, दीनदयाल सौधिया, राजा मैना गोपाल मिश्रा, महेश घुमाने, विष्णु प्रसाद शर्मा गुड्डी बाई, मोहन कुमार, माया अहिरवार, पार्वती गुप्ता एवं  प्रदीप दाबाडे सुरक्षा कर्मियों सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 102

तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में बढ़ रहीं छिपी बीमारियां, आयुर्वेद विशेषज्ञ संतोष जायसवाल का निःशुल्क शिविर भोपाल-उज्जैन में

Hidden diseases are increasing in fast paced life, Ayurveda expert Santosh Jaiswal’s free camp in Bhopal-Ujjain संवाददाता: सुशील दामले  भोपाल। आज इस तेज़ रफ़्तार जिन्दगी में महिलाओं एवं पुरुषों के समय ही नहीं है,घर से दफ़्तर और दफ़्तर से घर इस रफ़्तार भरी जिन्दगी में दोनों किस बीमारी से गृहस्थ हो रहे हैं ख़ुद को भी नहीं मालूम,ऐसे ही कौन सी बीमारी हो रही हैं वो ख़ुद को ही नहीं मालूम,ऐसे ही घनिष्ठ बीमारियों का इलाज़ आयुर्वेद विशेषज्ञ और नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल के पास है,जो विगत कई वर्षों से ऐसी घनिष्ठ बीमारियों का इलाज कर रहे हैं, विगत कई वर्षों से लगातार वन मेला भोपाल में,महाकाल वन मेला उज्जैन,इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में अपनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से गंभीर और असाध्य बीमारियों का इलाज कर रहे हैं,जैसे मिर्गी, साइनस, माइग्रेन, दमा, भगंदर, बवासीर, पथरी, साइटिका, टीबी, थायराइड, लकवा, गठिया, जोड़ों का दर्द और गुप्त रोगों का उपचार करते आ रहे हैं,वही अब भोपाल एवं उज्जैन निवासियों के लिए बड़ी खुश खबरी,अब आयुर्वेद विशेषज्ञ और नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल भोपाल में 15 से 19 तारीख तक होटल पार्क,रंगमहल टॉकीज टी टी नगर न्यू मार्केट एवं उज्जैन में 20 से 24 तारीख तक जायसवाल धर्मशाला क्षीरसागर प्रकाश टॉकीज की गली में पांच दिवसीय यह शिविर निःशुल्क शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं recent visitors 104

खाली खजाना, भारी वादे— कर्ज के सहारे चल रही मोहन सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया

Empty coffers, big promises—the debt-ridden Mohan government has taken a new loan of ₹1,800 crore. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय सेहत को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इस बार कर्ज लेने की प्रक्रिया पिछले साल के मुकाबले एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई है। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्र से मिलने वाले टैक्स के हिस्से में हुई कटौती और आरबीआई के नए नियम हैं, जिसने सरकार को शुरुआती महीनों में ही बाजार से पैसा उठाने पर मजबूर कर दिया है। बजट से ज्यादा हुआ कर्जमध्य प्रदेश का चालू वित्त वर्ष (2026-27) का बजट करीब ₹4,38,317 करोड़ का है, लेकिन राज्य पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब ₹5,20,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानी सरकार की कुल कमाई और खर्च के बजट से भी करीब 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा का कर्ज प्रदेश पर लदा हुआ है। 2007 में जो कर्ज महज ₹52,731 करोड़ था, वह पिछले 20 सालों में 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। क्या है कर्ज बढ़ने की वजहकेंद्र की कटौती और लाडली बहना का बोझ राज्य की आर्थिक कमर टूटने के पीछे दो बड़े कारण हैं। एक तो केंद्र सरकार ने राज्यों की टैक्स हिस्सेदारी को 7.850% से घटाकर 7.347% कर दिया है। महज 0.5% की यह गिरावट मध्य प्रदेश को हर साल ₹8000 करोड़ का चपत लगाएगी। दूसरी ओर सरकार की लाडली बहना फ्लैगशिप योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं। इस अकेले मद में सरकार को हर महीने ₹1,836 करोड़ का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। आखिर इतनी जल्दी कर्ज क्यों?सरकार ने इस बार अप्रैल में ही कर्ज लेना क्यों शुरू किया? इसके पीछे आरबीआई की एक नई नीति है। अब राज्यों की अनयूटिलाइज्ड लोन लिमिट अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं होगी। अगर सरकार इस साल की ₹85,000 करोड़ की लिमिट का उपयोग नहीं करती, तो वह पैसा लैप्स हो जाता। इसलिए, विकास कार्यों और योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही कर्ज उठाना बेहतर समझा। recent visitors 138